पीएम मोदी बोले- आत्मनिर्भर भारत बनने की ओर पहला कदम, भारत आयात पर निर्भरता कम करेगा

PM Modi said- First step towards becoming self-reliant India, now India will reduce dependence on imports

पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत प्राइवेट सेक्टर के लिए 41 कोल ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया की शुरुआत की. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश और विदेश से इस इवेंट में हिस्सा ले रहे सभी साथियों का बहुत-बहुत स्वागत है. इतने चुनौती वाले वक्त में इस तरह के इवेंट का होना, आप सभी का उसमें शामिल होना, अपने आप में एक बड़ा संदेश लिए हुए है.

पीएम मोदी ने कॉमर्शियल कोयला खनन की लॉन्चिंग के मौके पर कहा कि भारत इंपोर्ट पर अपनी निर्भरता को कम करेगा. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस ने भारत को आत्मनिर्भर होने का सबक दिया है. भारत को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना है.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि कोल माइनिंग रिफॉर्म को जमीन पर लाना एक कमिटमेंट है. उन्होंने कहा कि भारत इंपोर्ट को कम करके लाखों करोड़ रुपये की बचत करेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि भारत हर आपदा को अवसर में बदलने को लेकर संकल्पित है. भारत कोरोना से लड़ेगा भी और आगे भी बढ़ेगा. आपदा कितनी ही बड़ी क्यों न हो, भारत उसे अवसर में बदलने के लिए कृत-संकल्पित है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये दिखाता है कि भारत इस आपदा को अवसर में बदलने के लिए कितना गंभीर है. आज हम सिर्फ निजी क्षेत्रों के लिए कोल ब्लॉक के लिए नीलामी की शुरुआत नहीं कर रहे हैं, बल्कि कोल सेक्टर को दशकों के लॉकडाउन से भी बाहर निकाल रहे हैं.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक मजबूत माइनिंग और मिनरल सेक्टर के बिना आत्मनिर्भर भारत संभव नहीं है, क्योंकि मिनरल्स और माइनिंग हमारी इकोनॉमी के महत्वपूर्ण पिलर्स हैं. इन रिफॉर्म्स के बाद अब कोल प्रोडक्शन, पूरा कोल सेक्टर भी एक प्रकार से आत्मनिर्भर हो पाएगा.

पीएम मोदी ने कहा हमने लक्ष्य रखा है कि साल 2030  तक करीब 100  मिलियन टन कोल को गैसिफाई किया जाए. मुझे बताया गया है कि इसके लिए 4  प्रोजेक्ट्स की पहचान हो चुकी है और इन पर करीब-करीब 20 हज़ार करोड़ रुपए निवेश किए जाएंगे. कोल सेक्टर से जुड़े ये रिफॉर्म्स ईस्टर्न और सेंट्रल इंडिया को, हमारी ट्राइबल बेल्ट को, विकास का स्तंभ बनाने का भी बहुत बड़ा ज़रिया है.

उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में 16 जिले ऐसे हैं, जहां कोयले के बड़े-बड़े भंडार हैं, लेकिन इनका लाभ वहां के लोगों को उतना नहीं हुआ, जितना होना चाहिए था. यहां से बड़ी संख्या में हमारे साथी दूर, बड़े शहरों में रोजगार के लिए पलायन करते हैं. इन कोल ब्लॉक्स से इन लोगों को रोजगार मिलेगा और वहां रहने वाले लोगों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी

पिछला शेयर बाजार में सुस्ती, सेंसेक्स 33,500 अंक के नीचे, निफ्टी में भी गिरावट
अगला फिच रेंटिंग्स ने स्टेबल से नेगेटिव किया भारत का ग्रोथ आउटलुक,रेटिंग BBB पर बरकरार

अपनी टिप्पणी लिखें

Your email address will not be published. Required fields are marked *