कोरोना कहर से भारत में फिर चमका सोना, ऐसे बना सकते हैं निवेश के जरिए पैसा

Gold prices rose again in Corona havoc in India, thus you can earn money through investment

सोना-चांदी

कोरोना वायरस संकट से से एक बार फिर सोने की चमक बढ़ गई है. घरेलू वायदा बाजार में सोने का भाव फिर नई उंचाई पर पहुंच गया, जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोना 8 साल के उंचे स्तर पर है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना बुधवार को 48,333 रुपये प्रति 10 ग्राम तक उछला जोकि एमसीएक्स पर सोने के दाम का सबसे उंचा स्तर है.

उधर, अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स पर सोने का भाव 1791.55 डॉलर प्रति औंस तक उछला जोकि 2012 के बाद का सबसे उंचा स्तर है.

मंगलवार को ये थी कीमत

मंगलवार को सोना 5 अगस्‍त 2020 के कॉन्‍ट्रेट की कीमत 47888 दिखा रहा था. जबकि चांदी 3 जुलाई 2020 का कॉन्‍ट्रेक्‍ट 48183 रुपये चल रहा था. भारतीय सर्राफा बाजार में 24 कैरट सोने (999 शुद्धता) का रेट रिकॉर्ड तक चला गया. हालांकि दामों में थोड़ी गिरावट के बाद पिछले हफ्त के मुकाबले करीब 500 रुपये की तेजी के साथ 48026 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ था. चांदी का भाव भी 49261 रुपये प्रति किलो की उंचाई को छूने के बाद पिछले सत्र से 400 रुपये से ज्यादा की तेजी के साथ 48528 रुपये प्रति किलो पर बना हुआ था.

जानें क्यों बढ़ रही है सोने की इतनी कीमत

एजेंल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट और कमोडिटी बाजार के जानकार अनुज गुप्ता ने बताया कि कोरोना महामारी का प्रकोप दोबारा गहराने से निवेशकों का रुझान इस समय निवेश के सुरक्षित साधन के प्रति बढ़ता जा रहा है, जिससे पीली धातु की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है. गुप्ता ने कहा कि दुनिया बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की आशंका बनी हुई है जिससे सोने में निवेशक मांग बनी रह सकती है और आगे कीमतों में नई उंचाई देखने को मिल सकती है.

वहीं कमोडिटी बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व समेत दुनिया के अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों ने कोरोना काल में नीतिगत ब्याज दरों में कटौती की है,

जिसका मकसद महामारी के कारण मिल रही आर्थिक चुनौतियों से अर्थव्यवस्था को बचाना है. बाजार विश्लेषक बताते हैं कि ब्याज दरों में हुई इस कटौती से महंगी धातुओं के प्रति निवेश रुझान बढ़ा है और आगे भी बुलियन को इसका सपोर्ट बना रहेगा.

मौजूदा समय में ये निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है, लेकिन इससे व्यापारियों की थोड़ी चिंता जरूर बढ़ गई है, क्योंकि शादियों का सीजन चल रहा है, लेकिन ज्यादातर लोग नया सोना खरीदने के बजाय रिसायकल गोल्ड से ही काम चला रहे हैं.

पिछला इकोनॉमी- एसएंडपी ने कहा, भारतीय कंपनियों की रेटिंग में हो सकती है गिरावट
अगला बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 35000 के नीचे, निफ्टी में भी दर्ज हुई गिरावट

अपनी टिप्पणी लिखें

Your email address will not be published. Required fields are marked *