ब्लैक मनी – स्विस बैंक से दूरी बना रहे भारतीय, 30 साल में तीसरी बार सबसे कम आंकडा

Black money - Indians are keeping distance from Swiss bank, third time lowest figures in 30 years

स्विस बैंक

स्विट्जरलैंड के बैंकों में जमा भारतीयों की रकम में लगातार दूसरे साल काफी कमी आई है. साल 2019 में इसमें करीब 6 प्रतिशत यानी 5.8  प्रतिशत तक की गिरावट हुई है. साल 2019 में करीब 7100 करोड़ रुपए स्विट्जरलैंड के बैंकों में हैं. कहा जा रहा है कि तीन दशकों में ये पहला मौका है जब इतने बड़े स्तिर पर गिरावट देखी गई है. साल 2006 में ये आंकड़ा सबसे ज्यादा था और उस समय करीब 14,400 करोड़ रुपए स्विस बैंकों में थे.

पिछले साल भारत इस सूची में 74वें स्थान पर था. स्विस नेशनल बैंक (SNB) द्वारा जारी वार्षिक बैंकिंग आंकड़ों से पता चलता है कि भारतीय नागरिकों और कंपनियों द्वारा धन जमा करने के मामले में भारत काफी निचले पायदान पर आता है. स्विस बैंकों में विदेशियों द्वारा जमा धन में भारतीयों का हिस्सा मात्र 0.06 प्रतिशत है.

आखिर कहां गया कालाधन!

स्विट्जरलैंड में जमा भारतीयों के कालेधन का संकेत नहीं मिलता, जिसको लेकर चर्चा होती रही है. इन आंकड़ों में उन भारतीयों, प्रवासी भारतीयों या अन्य का धन शामिल नहीं है, जो स्विस बैंकों में तीसरे देशों की इकाइयों के नाम पर रखे गये हैं.

सूची में ब्रिटेन पहले स्थान पर है. उसके बाद अमेरिका दूसरे, वेस्ट इंडीज तीसरे, फ्रांस चौथे और हांगकांग पांचवें स्थान पर है. स्विस बैंकों में जमा कुल धन में शीर्ष पांच देशों का हिस्सा 50 प्रतिशत से अधिक है.

वहीं शीर्ष दस देशों का हिस्सा 66 प्रतिशत से अधिक है. सूची में शीर्ष 15 देशों का हिस्सा 75 प्रतिशत और शीर्ष 30 देशों का हिस्सा करीब 90 प्रतिशत है. शीर्ष दस देशों में जर्मनी, लक्जमबर्ग, बहामास, सिंगापुर और केमैन आइलैंड भी शामिल है.

साल 2016 में स्विट्जरलैंड से हुआ था करार

जब साल 2014 में NDA सरकार सत्‍ता में आई तो उसने इकोनॉमी में काले धन पर लगाम लगाने के लिए कुछ कदम उठाए. माना जा रहा है कि ये उन कदमों का सफल नतीजा है कि काले धन में कमी आई है. साल 2016 में केंद्र सरकार की तरफ से स्विट्जरलैंड और भारत के बीच काले धन पर नियंत्रण लगाने के मकसद से सूचनाओं की अदला-बदली के लिए एक तंत्र बनाया गया था.

ज्‍यूरिख स्थित स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) की तरफ से ये नए आंकड़ें जारी किए गए हैं. इन आंकड़ों के मुताबिक स्विस बैंकों में विदेशी जमा में 3.1 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है. सबसे ज्‍यादा पैसा अब चीनी नागरिकों का स्विस बैंकों में है. चीन की तरफ से स्विस बैंकों में जमा साल 2018 में राशि में 13.5 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. भारत के एक और पड़ोसी पाकिस्‍तान के भी नागरिकों के काले धन में कमी आई है. साल 2018 में यह आंकड़ा 410 मिलियन था लेकिन साल 2019 में इसमें 45 प्रतिशत की गिरावट हुई है.

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