अर्थव्यवस्था / बजट से पहले एक और झटका,2020-21 तक भारत की GDP ग्रोथ रेट 5.5 प्रतिशत रह सकती है- इंडिया रेटिंग्स

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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)  द्वारा ग्रोथ अनुमान घटाने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक और बुरी खबर आई है. इंडिया रेटिंग्स ने कहा है कि अगले वित्त वर्ष (2020-21) में भी देश की ग्रोथ रेट काफी सुस्त रहने वाली है. इंडिया रेटिंग्स के मुताबिक देश अगले वित्त वर्ष में देश की जीडीपी में सिर्फ 5.5 फीसदी की बढ़त दर्ज की जा सकती है. वहीं 2019-20 की हालत पहले से खराब है. IMF,UN फिच समेत 9 संस्थाएं भारत की ग्रोथ रेट का अनुमान पहले ही घटा चुकी हैं.

जानकारी के लिए बतादें कि कुछ दिन पहले ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने चालू वित्त वर्ष (2019-20) में अर्थव्यवस्था बढ़त के अनुमान को घटा दिया है. IMF  ने भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 1.3% घटाकर 4.8% कर दिया. साथ ही उन्होंने अक्टूबर में 6.1% का अनुमान जारी किया था,  लेकिन आईएमएफ लगातार 9 वीं एजेंसी है जिसने जीडीपी ग्रोथ का अनुमान कम किया.

पूरी दुनिया प्रभावित

दूसरी ओर इंडिया रेटिंग्स का कहना है, कि पहले उसे लगता था कि अगले वित्त वर्ष में कुछ सुधार होगा, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था कम खपत और कम निवेश के दौर में फंसती दिख रही है. वहीं एजेंसी के मुताबिक घरेलू मांग को बढ़ाने और अर्थव्यवस्था को ऊंची वृद्धि के दौर में लौटाने के लिए सरकार की ओर से मजबूत पॉलिसी पर जोर दिए जाने की जरूरत है. लेकिन वैश्विक ट्रेंड दबाव में हैं, पूरी दुनिया में निर्यात प्रभावित हुआ है, इससे भारत के निर्यात पर भी बुरा असर पड़ा है.

 अभी और गिरेगा रुपया

दुनिया भर में जिस तरह की आर्थिक परिस्थितियां हैं उनमें रूपया और नीचे गिर सकता है. वहीं एजेंसी ने अपनी रिसर्च में हाईलाइट किया कि सरकार ने अर्थव्यवस्था को उठाने के लिए कई कदमों का एलान किया लेकिन उनसे मध्यम तौर पर भी मदद मिलेगी.

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